उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के बैनर तले श्रीमती सोनिया गांधी के आवाहन पर केंद्र सरकार का बढ़ती महंगाई को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

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आज उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के बैनर तले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी के आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल,डीजल,एलपीजी और पीएनजी के दामों में लगातार बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन किया।इस दौरान किसान कांग्रेस नेता शिव नारायण सिंह परिहार ने बताया

 

 

आज उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस द्वारा ब्लाक मऊरानीपुर के गांव बड़ागांव में गैस और तेल की बढ़ी हुई कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया किसान कांग्रेस नेता शिव नारायण सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने भारत के नागरिकों के साथ धोखा और विश्वासघात और छल किया है। ।

 

 

 

यह जनता के साथ विश्वासघात है केंद्र सरकार अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए इस जनविरोधी कार्यो को अंजाम दे रही है।
2 साल पहले लॉकडाउन के बाद पेट्रोल और डीजल पर कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी और उत्पादन शुल्क से जबरन वसूली और मुनाफाखोरी कर सभी प्रकार के शोषण की सीमा को पार कर रही हैं,

 

 

22 मार्च 2020 को 2 साल पहले पेट्रोल और डीजल की दरें कम से ₹69. 59 पैसे और ₹62.29 पैसे जिन्हें बढ़ाकर कल से ₹101 और ₹92 प्रति लीटर कर दी यानी 30 रुपए पेट्रोल पर और लगभग ₹30 डीजल पर प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।
26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली थी तब भारत की तेल कंपनियों को कच्चा तेल 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि

 

 

मोदी सरकार ने पिछले 3 सालों में कच्चे तेल का औसत मूल्य आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 60.6 अमेरिकी डॉलर जबकि साल 2011 से साल 2014 के बीच यूपीए सरकार के अंतिम 3 सालों में कच्चे तेल का औसत मूल 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था।पैट्रोलियम प्लैनिंग एंड एनालिसिस सेल के आधिकारिक आंकड़ों से मोदी सरकार की यह लूट एवं लोगों को दी जाने वाली सब्सिडी का खत्म किया जाना साबित होता है।

 

 

जिनके मुताबिक 2011-2012 के दौरान कांग्रेस की यूपीए सरकार ने पेट्रोल,डीजल और एलपीजी पर 142000 करोड़ की सब्सिडी दी यह राशि 2012- 2013 में 164387 करोड रुपए और 2013-2014 में 145000 करोड रुपए की।इसके विपरीत मौजूदा मोदी सरकार ने यह राशि 2016-2017 में घटाकर 27300 करोड़ रुपए 2017-18 में 28384 करोड रुपए 2018- 2019 में ₹45718 और 2019- 2020 में 26482 करोड रुपए कर दी 2020-2021 में हर तरह की सब्सिडी के तहत दी गई

 

 

कुल रात घटाकर मात्र 11729 करोड रुपए कर दी गई।
घरेलू गैस सिलेंडर के मूल वर्ष 2014 में कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान ₹410 प्रति सिलेंडर से बढ़कर दिल्ली में लगभग ₹1000 और ज्यादातर शहरों में ₹1000 के पार कर गई हैं 8 सालों में मोदी सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर का मूल्य लगभग ₹600 बढ़ा दिया है।रसोई गैस के दाम सऊदी अरब के एलपीजी मूल्य के आधार पर तय किए जाते हैं यूपीए की सरकार ने एलपीजी का अंतरराष्ट्रीय मूल्य 2012-2013 और 2013-2014 में क्रमशः 885 और 880 अमेरिकी डॉलर था।

 

 

 

जबकि आज केवल 769 अमेरिकी डॉलर प्रति मेट्रिक टन है। यही हाल पीएनजी और सीएनजी का भी है मई 2014 में दिल्ली में परिवारों को पीएनजी का उपभोक्ता मूल्य लगभग ₹25 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर था जो बढ़ाकर ₹36 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर कर दिया गया। मोदी सरकार ने पीएनजी में लगभग ₹ 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है।सीएनजी का मूल्य मार्च 2014 में 35 रुपए किलो ग्राम था” जब तक केंद्र सरकार जनता को राहत पहुंचाने का कार्य नहीं करेगी और बढ़ी हुई कीमतें वापस नहीं करेगी और अपने पूंजीपति मित्रों को देने वाली लूट को बंद नहीं करेगी तब तक जनता के लिए कांग्रेस पार्टी इसी प्रकार से संघर्ष करती रहेगी।

 

 

 

प्रदर्शन के दौरान प्यारेलाल बेधड़क गजेंद्र सिंह यादव रामाधार निषाद लोकेंद्र सिंह यादव ओमप्रकाश सिंह निषाद रामप्रसाद अहिरवार बुधराम अहिरवार मुकेश महेश रामप्रकाश मान सिंह सुरेंद्र अच्छे लाल अहिरवार रामजीवन राजेश हरिराम बाबा राकेश रविंद्र कुमार वृंदावन बृजलाल कालीचरण पाना देवी गोमती देवी खजरी बाई सुमन कमली देवी मीरा देवी नंदराम सिंह खंगार आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

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