बागेश्वर बालाजी धाम के गुरुजी धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा की तैयारियां अंतिम स्तर पर ऐतिहासिक होगी श्रीराम कथा : 11 हजार कलशों के साथ कलश यात्रा : 8 लाख भक्तों के आने की संभावनाएं

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बागेश्वर बालाजी धाम के गुरुजी धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा की तैयारियां अंतिम स्तर पर
ऐतिहासिक होगी श्रीराम कथा : 11 हजार कलशों के साथ कलश यात्रा : 8 लाख भक्तों के आने की संभावनाएं

 

 

 


श्री बागेश्वर बालाजी धाम के गुरुजी संत श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा का बीना के इतिहास में भव्य आयोजन की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही हैं। सरस्वती शिशु मंदिर के सामने बड़ा मंदिर की लगभग 150 एकड़ भूमि पर यह कथा संपन्न होगी, जिसमें 8 लाख से अधिक भक्तों के आने की संभावनाएं हैं।

 

 

 

 

11 हजार कलशों के साथ पीले वस्त्र धारण किए महिलाएं कलश यात्रा में शामिल होंगी।
बीना/ श्री बागेश्वर बालाजी धाम की चर्चाएं विश्व स्तर पर चल रही हैं। यह पहला अवसर है कि बीना में भी बालाजी धाम के गुरुजी संत धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से भव्य संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन 8 मई से 16 मई तक संपन्न होना है।

 

 

 

 

अपने दिव्य दरबार के माध्यम से लोगों की समस्याओं को सुलझाने वाले एवं ऊपरी प्रेत बाधाओं से निजात दिलाने वाले पं. शास्त्री की इस कथा को ऐतिहासिक बनाने का पूरा प्रयास श्री अंजनी नंदन मानस सेवा समिति कटरा धाम बीना कर रही है। समिति के सैंकड़ों कार्यकर्ता रात दिन कथा की तैयारियों के लिए जुटे हुए हैं।

 

 

 

 

सभी का मिल रहा भरपूर सहयोग –
आयोजन समिति के सदस्य अनिल पटैरिया, पं. कृष्णमुरारी देवलिया, संजू ठाकुर एवं निशांत गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुजी की कथा के लिए बीना एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी भक्तों का एवं दान दाताओं का लगातार सहयोग मिल रहा है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भी लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और सभी का इस ऐतिहासिक आयोजन में भरपूर सहयोग मिलने के साथ-साथ समिति को दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं जिससे आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो जाए।

 

 

 

 

बाहर से आने वाले भक्तों के लिए भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था –
तैयारियों के संदर्भ में समिति द्वारा बताया गया है कि आयोजन में लगभग 8 लाख भक्तों के आने की संभावनाएं हैं जो दूरदराज क्षेत्रों से भी आएंगे। इन बाहर से आए हुए भक्तों के भोजन के लिए कथा स्थल के सामने एक विशाल पंडाल लगाया गया है।।

 

 

 

 

जिसमें भंडारे की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कथा स्थल पर 125 फुट चौड़ाई एवं 600 फुट लंबाई का विशाल मंच एवं डोम तैयार किया गया है जिसे आवश्यकता अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है। समिति द्वारा बताया गया कि डोम में पंखे आदि की संपूर्ण व्यवस्थाएं हैं। जिसमें फिलहाल में कथा मंच के सामने चार डी ब्लॉक बनाए जा रहे हैं।

 

 

 

 

1200 कार्यकर्ताओं के साथ 40 टेंकरों और प्याऊ की व्यवस्था –
श्री अंजनीनंदन मानस सेवा समिति के सदस्यों द्वारा बताया गया कि कथा को व्यवस्थित करने के लिए लगभग 1 हजार कार्यकर्ता और 200 महिला कार्यकर्ताओं को तैयार किया गया है। इसके साथ ही कथा स्थल तक आने और जाने के लिए 5 से 6 रास्ते भी तैयार किए जा रहे हैं।

 

 

 

 

 

भीषण गर्मियों से बचने के लिए पूरे मेला ग्राउण्ड पर 40 टेंकर पानी सप्लाई करेंगे इसके साथ ही अलग-अलग प्याऊ भी बनाई जाएंगी। समिति द्वारा बताया गया कि पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के लिए आगे अलग स्थान दिया गया है जहां से वे श्रीराम कथा का कवरेज कर सकेंगे। इसके साथ ही गुरुजी के साथ पत्रकारों की चर्चा भी कराने का निश्चित किया जा रहा है।

 

 

 

 

11 हजार कलशों के साथ निकाली जाएगी मंगल कलश यात्रा –
श्रीराम कथा के पूर्व मंगल कलश यात्रा को भी ऐतिहासिक बनाने के प्रयास समिति द्वारा किए जा रहे हैं जिनमें 11 हजार कलश तैयार कराए गए हैं जो महिला भक्तों द्वारा पीले वस्त्रों के साथ सिर पर रखकर कलश यात्रा में शामिल किए जाएंगे। यात्रा को धर्ममयी बनाने के लिए साढ़ोरा बीना एवं आस-पास के क्षेत्रों के ढोल बैण्ड एवं डीजे भी शामिल किए जाएंगे।

 

 

 

 

कलश यात्रा में हाथी की पालकी भी शामिल रहेगी जिसमें श्रीराम कथा वाचक पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री विराजेंगे। समिति ने सभी भक्तों से अपील की है कि यह आयोजन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है बल्कि सभी का है इसलिए आयोजन में तन मन धन से भाग लें और बीना के इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं।

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