मुजफ्फरपुर*****एईस/ चमकी पर जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन । – सीफार, केयर तथा जिला प्रशासन के सहयोग से नुक्कड़ नाटक के माध्यम से  पुनः शुरू हुआ जागरूकता अभियान अतिप्रभावित क्षेत्रों में घूम -घूम कर टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक का होगा आयोजन

0
121

एईस/ चमकी पर जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन ।

– सीफार, केयर तथा जिला प्रशासन के सहयोग से नुक्कड़ नाटक के माध्यम से  पुनः शुरू हुआ जागरूकता अभियान
अतिप्रभावित क्षेत्रों में घूम -घूम कर टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक का होगा आयोजन

 

 

 


 
मुजफ्फरपुर। 23 मई 2022
जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने हरी झंडी दिखाकर नुक्कड़ नाटक की टीम को रवाना किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर प्रणव कुमार ने कहा कि *एईएस/चमकी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर जनवरी-फरवरी माह से ही लगातार विभिन्न माध्यमों से पंचायत ,गांव और टोले स्तर पर सघन जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है

 

 

 

 जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे है। उन्होंने कहा कि जागरूकता  अभियान के साथ समानांतर रूप से माकूल  चिकित्सिय व्यवस्था की उपलब्धता के कारण हम बहुत हद तक चमकी पर नियंत्रण करने में कामयाब रहे है।*

 

 

 

सेंटर फॉर एडवोकसी एंड रिसर्च (सीफार), केयर इंडिया तथा जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर की तरफ से आयोजित यह नुक्कड़ नाटक जिले के छह अति प्रभावित प्रखंडो में 52 जगहों पर लोगों को चमकी के संदेश देगी। इस नुक्कड़ नाटक का आयोजन ऐसे जगहों पर किया जा रहा है जहां विगत दो वर्षों में एईएस के सबसे ज्यादा केस आए हैं। वहीं इसके लिए जिन जगहों पर नुक्कड़ का आयोजन होना है वहां पहले से ही ग्राम वासियों के बीच आमंत्रण पत्र बांटे जाएगें। नाटक में अरविंद, नेहा फातिमा, प्रिस आनंद, शिमी, सुशांत, चंदन और गंगा ने प्रस्तुति दिया।

 

 

 

मौके पर डीपीआरओ कमल सिंह, डीएमओ सतीश कुमार, सिफार के राज्य प्रबन्धक रणविजय कुमार, केयर डिटीएल सौरभ तिवारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।

 

 

 

 

*जोगीरा और डॉक्टर ने दिया संदेश*
जोगीरा की डुगडुगी और भावना प्रधान बातों से शुरू हुई नुक्कड़ नाटक एक बच्चे रमुआ पर केंद्रित हो जाती है। जिसे सुबह में अचानक ही तेज बुखार और मुंह से झाग आ जाता है। इसे देखकर उसकी मां वैद्य तो पिता ओझा-गुणी की बात करने लगता है। इतना देखकर जमुरे कहता है कि उसे अब जाना ही पड़ेगा, बीच-बचाव करना ही पड़ेगा। वह आता है और कहता है

 

 

 

क्यों अपने लाल को वह इन चक्करों में पड़कर मारना चाहती है। वह उसे तुरंत ही 102 पर कॉल करके एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए कहता है,ताकि उसकी जान बच सके। जब रमुआ को सभी सरकारी अस्पताल ले जाते हैं तो उसकी जान बचती है। इसके बाद डॉक्टर आते हैं और चमकी के लक्षण और बरती जाने वाली सावधानी के बारे में बताते हैं।
*ग्रामवासियों में दिखा उत्साह *
सोमवार को जिले के कांटी प्रखंड के दादर कोल्हुआ, मुस्तफापुर तथा बरमतमुर में नुक्क्ड़ नाटक आयोजित किया गया। जहां ग्रामवासियों में नुक्कड़ नाटक के प्रति जबरदस्त उत्साह देखा गया।

ब्यूरो चीफ / शांति मुकुल / इंडियन टीवी न्यूज मुजफ्फरपुर बिहार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here