डिंडौरी म.प्र…..…….. कहीं कांप रहे अरबों के विकास तो कहीं हो रहे धराशाई फटा पोस्टर निकला हीरो डिंडोरी जिला नगर पंचायत का विकास।

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डिंडौरी म.प्र…..……..
कहीं कांप रहे अरबों के विकास तो कहीं हो रहे धराशाई फटा पोस्टर निकला हीरो डिंडोरी जिला नगर पंचायत का विकास।

 

 

डिंडोरी नगर पंचायत द्वारा नगर विकास के नाम सुंदरीकरण के नाम जो काम कराए गए उन कामों की पोल खुलने लगी है l नगर के लोगों में चर्चा है कि डिंडोरी नगर पंचायत का अब तक के कार्यकाल में सबसे भ्रष्ट कार्यकाल वर्तमान कर रहा है l लोग ऐसा क्यों कह रहे हैं यह तो लोग ही जाने किंतु इसमें भी कोई शक नहीं नगर विकास हुआ हो या न हुआ हो नगर विकास में लगे लोगों का भरपूर विकास अवश्य हुआ है l

 

 

 

 

 

अध्यक्ष के रूप में पंकज तेकाम कार्यकाल में अध्यक्ष की जुबानी यह की इनके कार्यकाल में अब तक 5 से 7 अरब रुपए नगर पंचायत के विकास में खर्च किए गए हैं ? ऐसा दावा करने वाले अध्यक्ष के कार्यकाल मैं कराए गए विकास की पोल खुलने लगी है l नगर पंचायत की विभिन्न स्थानों पर लगाए गए

 

 

 

 

 नामजद बोर्ड बनाम स्वागत द्वार कार्यकाल की पोल के स्वागत में धराशाई हो रहे हैं l इनमें न गणेश मंदिर बचा न दुर्गादास बचे और न बिरसा मुंडा l कुछ दिन ही पहले लगाए गए स्वागत द्वार पोल खोलने उतारू लोगों के स्वागत में धड़ाधड़ गिर रहे हैं या क्षतिग्रस्त हो रहे हैं l

 

 

 

 

 

डिंडोरी नगर पंचायत में विद्युत विभाग के सभी इंजीनियर की इंजीनियरी का कमाल भी देखने लायक है l जिन की बाजीगरी के आगे अध्यक्ष भी नतमस्तक हो गए और अपना सारा ध्यान विद्युतीकरण में लगा दिया l जिसके उजाले से परिषद के तमाम कार्य काले कारनामे लोगों को रात में भी दिखाई देंगे l

 

 

 

 

विद्युत मंडल के अधिकारी नगर पंचायत में लगाए जा रहे हैं फूलों के संबंध में जो बात कह रहे हैं उसके अनुसार तो यदि इनकी निविदा व पोलो की जांच हो जाए तो कई अधिकारी भागते नजर आएंगे l नगर पंचायत द्वारा खर्च की गई राशि व विकास के दावों पर कुछ समाज सेवी संगठनों की भी नजर है जो इसको लेकर माननीय उच्च न्यायालय की शरण मैं भी जा सकते हैं l

 

 

 

 

 

जिस नगर पंचायत की जनता को दो समय पीने का पानी भी नसीब न होता हो इस नगर पंचायत क्षेत्र मैं साफ-सुथरी तो क्या बेकार ही सही मूत्रालय की भी व्यवस्था न हो उस नगर पंचायत के विकास के दावों को समझा जा सकता है l नर्मदा जी के किनारे सुलभ कांप्लेक्स बनाकर किस तरह के विकास की बात कर रहे हैं यह समझ के परे है l जबकि माननीय उच्च न्यायालय का आदेश है कि नर्मदा नदी का जलस्तर जब अपने पीक अवर पर हो से 300 मीटर की दूरी तक किसी प्रकार का कोई भी निर्माण कार्य पूर्णतया प्रतिबंधित है l

 

 

 

 किंतु पढ़े लिखे लोग ही आदेशों की धज्जियां उड़ा देते हैं जिनके मुताबिक नर्मदा तट से 300 मीटर की दूरी का आदेश है l जबकि आदेश यह है कि नर्मदा नदी का पानी जब अपने चरम पर हो उस से 300 मीटर की दूरी पर निर्माण कार्य प्रतिबंधित किया गया है l नर्मदा तट के किनारे बने सुलभ कांप्लेक्स को छोड़ दें तो इसके अतिरिक्त पूरे शहर में प्रसाधन की कोई व्यवस्था नहीं है l बाहर से आने वाले लोगों को होने वाली असुविधा के बाद लोग कहते हैं कि क्या यहां के लोग प्रसाधन नहीं करते ? स्वागत द्वारों के क्षतिग्रस्त होने से ऐसा लगता है मानो पंकज तेकाम के कार्यकाल के विकास की पोल खुलकर ही रहेगी। पिक्चर अभी बाकी है नगर पंचायत डिंडोरी के विकास का ?

इंडियन टीवी न्यूज़ संवाददाता मो0 सफर ज़िला डिंडोरी मध्य प्रदेश

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