मथुरा में पत्रकारों की समस्याओं को लेकर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की बैठक का हुआ आयोजन

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मथुरा में पत्रकारों की समस्याओं को लेकर जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की बैठक का हुआ आयोजन

मथुरा जनपद के सभी पत्रकार ने अपने अपने बिचार रखे

 

 

 

 

मथुरा। पत्रकारों की संस्था जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजि.)द्वारा पत्रकारों के उत्पीड़न फर्जी तरीके से मुकदमा कायम करने और उन्हें परेशान करने को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में सरकार द्वारा गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को उचित सुविधा सुरक्षा एवं सहायता न दिए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की गई।

 

 

 

 

वरिस्ठ पत्रकार विजय सिंघल ने कहा कि सरकार गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की उपेक्षा करके क्या सिद्ध करना चाहती है जबकि सूचना संकलन में इन्हीं की महती भूमिका है अगर यही पत्रकार अपनी कलम बंद कर दें तो समाचारों का संकलन अधूरा रह जाएगा दूरदराज के क्षेत्रों से खासकर ग्रामीण क्षेत्रो के समाचारों का संकलन साधारण बात नहीं है फिर भी इन पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे कायम करवाना इन्हें इमानदारी से अपना काम न करने देना एवं सरकार द्वारा आवश्यक सुविधाएं न दिया जाना चिंता का विषय है। इसके बाद बरिष्ठ पत्रकार मन्त्रवीर सिह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार यदि गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मिलने वाली सुविधा नहीं प्रदान करती है और यदि इन्हें पत्रकार का दर्जा नहीं देना चाहती है तो सरकार को पत्रकारों के लिए एक अलग कानून बनाकर विभिन्न स्तर पर पत्रकारों की योग्यता निर्धारित कर देना चाहिए। पत्रकार अजय त्रपाठी ने कहा आज बहुत मामूली पढ़े लिखे लोग मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं जबकि पत्रकारिता की डिग्री लेकर भी लोगों को अपना अस्तित्व कायम करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसी क्रम में बरिष्ठ पत्रकार रेखा शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अब समय आ गया है पत्रकारों को आपसी सामंजस्य बनाकर अपनी समस्या सरकार के आगे रखना चाहिए और अपने हक के लिए लड़ाई करना चाहिए। पत्रकार सुनील राज ने कहा कि पत्रकारों को अब एक मंच पर आकर अपनी समस्या के लिए लड़ाई लड़नी चाहिए क्योंकि झाड़ू की तीली जब अकेली होती है

 

 

 

 

 

 तो आसानी से टूट जाती है परंतु झाड़ू को तोड़ना इतना आसान नहीं है। बरिष्ठ पत्रकार चंद्रमोहन दीक्षित ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नए पत्रकारों को वरिष्ठ पत्रकारों से सीखना चाहिए और जहां भी वह भटके अपने वरिष्ठ के निर्देशन में कार्य करना चाहिए इससे उनकी क्षमता में निखार आएगा और वह और अच्छी पत्रकारिता कर सकेंगे। इसी प्रकार चोधरी हरवीर सिह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अब समय आ गया है की पत्रकार अपने हक और हुकूक की लड़ाई के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें। पत्रकार कल्लन उर्फ उमाशंकर कहा कि हर वर्ष गैर मान्यताप्राप्त पत्रकारों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है लेकिन सरकार की ओर से पत्रकारो को न सुरक्षा मिल रह रही है न सहूलियत मिल रही है। राहुल रावत ने कहा कि अब हम लोग पत्रकारों की समस्याओं को लेकर लगातार ऐसी मीटिंग करते रहेंगे ताकि पत्रकार जागरूक हो सकें और अपने हक की लड़ाई लड़ सके।
इस बैठक मे जहां वरिष्ठ पत्रकारो ने अपने अनुभवों व सुझावों को साझा किया तो वही युवा पत्रकारों ने अपनी समस्याओ से अवगत कराया। दिनेश आचार्य, विजय सिंघल, हरि शंकर खंडेलवाल,पवन शर्मा, कल्लन उर्फ उमा शंकर शर्मा ,मंत्र वीर चौधरी, शंकरलाल, राहुल रावत, कालीचरण बिंदल,राजू ,संदीप चतुर्वेदी, सुनीता राडा, गिरीश भारद्वाज, शिल्पी चौधरी,चौधरी हरवीर सिंह, रेखा शर्मा, अजय त्रिपाठी, विकास गौतम, हिमांशु यादव,पीयूष यादव,चंद्र मोहन दीक्षित, मोहन सिंह,सुनील राज, आदि पत्रकार बैठक में मौजूद रहे।

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